वजीर की बुद्धिमान बेटी ??

 एक बहोत बड़ा राजा था l 

उस राजा के दरबार में एक वजीर था उसकी सात बेटियां थी l। 

एक दिन वजीर को राजा ने सहर भेजने का फैसला लिया और वजीर को कहा के तुम सहर चले जाओ वहां कुछ दिनों का काम है फिर तुम आजाना वापस l 

वजीर अपने घर आया और कहा के मुझे किसी काम से कुछ दिनों के लिए सहर जाना है ऐसा कहते हुए वह अपनी बेटियो से पूछने लगा के में तुम सब के लिए सहर से क्या लाऊ l 

सब ने कपड़े जूते चप्पल मंगाए सबसे छोटी बेटी ने कहा पिता जी मुझे कान के बाली ला देना l 

फिर वजीर सहर के लिए निकल पड़ते है और कुछ दिन बाद वापस लौट आते है सभी के लिए तोहफा लाते है और सबसे छोटी बेटी के लिए बाली भी लाते है सभी अपना तोहफा पाके बहुत खुश हो जाती है और खुशी खुशी नदी पे नहाने के लिए जाने लगती हैं छोटी बेटी बहुत खूबसूरत रहती है और अक्ल में तेज भी वो नही मानती और अपनी बाली पहने हुए ही नदी पे चली जाती है l 

वो लोग सभी जब नहा के नदी से बाहर निकलती है तभी देखती है के सबसे छोटी वाली बहन के कान कि एक बाली नदी में ही गिर गई है वो कोसिस करती है परंतु बाली नही मिलती और सभी घर को वापस आजाती है l 

 सातों लड़कियां घर वापस अजाती हैं और पिता जी को बताती हैं l वजीर जो की उन लोगों का बाप था उसने कहा कोइ बात नही दूसरी ले आयेंगे l
कुछ दिन बाद एक मछवारन मछली बेचने के लिए निकलती है और मछली बेचत बेचते वही पहुंच जाती है जहा वो राजा रहता है उसकी सारी मछलियां बिक जाती है अखरी में जो कुछ बचती है वो राजा के दरबार में ले जाती है और राजा साहब पूरी बची हुई मछली लेलेते है l
और जब वो मछली काटी जाती है तो उसके पेट से वो कान कि बाली मिलती है उसे राजा k दरबार मे पेस किया जाता है l
राजा उस कान की बाली को देख कर हैरान रह जाता h कि जब ये कान की बाली इतनी खूब सूरत है तो पहनने वाली न जाने कितनी खूब सूरत होगी l 
और उस मझवारन को बुलाया जाता है और उससे पूछते है कि बताओ ये बाली किसकी है और इस मछली के पेट में कैसे आई वो मचवारन कोई जवाब नही दे पाती और कहती है कि राजा साहब मुझे नही मालूम है कि वह किसकी बाली है




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